😱😱बीटेक पास 22 साल की साक्षी अब पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के कुई गांव की कमान संभालेंगी। साक्षी युवाओं के लिए मिसाल बनीं है।

📣 नारायण – नई उम्मीद की चिनगारी
पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के कुई ग्राम पंचायत में पिछले ग्राम प्रधानों की सीमित पहल को बदलते हुए, 22 वर्षीय साक्षी ने पंचायत चुनाव 2025 में जीत हासिल कर गांव की सबसे युवा प्रधान बनकर ख़ास गौरव प्राप्त किया है। देहरादून से बीटेक कर गांव लौटने वाली यह बेटी अब युवा नेतृत्व और समर्पित सेवा का प्रतीक बनकर उभरी है।
🎓 पढ़ाई से पंचायत तक का सफ़र
साक्षी ने देहरादून के प्रतिष्ठित संस्थान से बीटेक की पढ़ाई पूरी की और उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद समाज सेवा की ओर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया। अपनी शिक्षा का व्यावहारिक रूप में प्रयोग करने के लिए उन्होंने गाँव लौटने के बाद स्थानीय विकास एवं युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में प्रधान पद के लिए आह्वान किया। इस मंज़िल को पाने के लिए उन्होंने जन-समर्थन, सरल संवाद और युवाओं की आकांक्षाओं को समझते हुए चुनाव लड़ा—जहाँ उन्हें ग्रामीणों का मजबूत विश्वास मिला।
🧭 क्षेत्र के विकास में युवा नेतृत्व की भूमिका
प्रधान बनने के बाद साक्षी ने क्षेत्र की प्राथमिक जरूरतों को शीघ्रता से पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा:
- गरीब और बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएँ प्रारंभ करेंगी।
- ग्रामीण स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, साफ‑सुथरा परिसर और बेहतर शिक्षण सुविधा सुनिश्चित करेंगी।
- महिलाओं, बुजुर्गों और दलित‑आदिवासी समूहों को सशक्त बनाने के लिए skill‑training व self-help group (स्व-सहायता समूह) स्थापित करेंगी।
उनके इस दृष्टिकोण से गांव में सकारात्मक उम्मीदों का वातावरण बना है, जहाँ सतत विकास और तकनीकी सुधार दोनों एक साथ लाए जा रहे हैं।
💡 ख़ास बातें जो इस खबर को खास बनाती हैं
- सिर्फ 22 वर्ष की आयु में प्रधान बनने का गौरव — युवाओं में नेतृत्व को प्रोत्साहित करता है।
- शहरी शिक्षा और ग्रामीण जीवन सेवा का मिश्रण—जो गांव-नुक्कड़ तक विकसित सोच को पहुंचाता है।
- साक्षी जैसे युवा नेताओं की सफलता ग्रामीण प्रशासन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा की उम्मीद जगाती है।








Leave a Reply