नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026 – लोकसभा में आज तीखी नोकझोंक और हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई। स्पीकर ओम बिरला (या डिप्टी स्पीकर दिलीप सैकिया की अध्यक्षता में) ने विपक्ष के 8 सांसदों को बजट सत्र के शेष समय तक निलंबित (सस्पेंड) करने का प्रस्ताव पास कर दिया। यह फैसला सदन में कागज उछालने, नारेबाजी और कार्यवाही में लगातार बाधा डालने के आरोप में लिया गया।

निलंबित सांसदों के नाम
- अमरिंदर सिंह राजा वारिंग (कांग्रेस, पंजाब)
- मणिक्कम टैगोर (कांग्रेस, तमिलनाडु)
- गुरजीत सिंह औजला (कांग्रेस, पंजाब)
- हिबी ईडन (कांग्रेस, केरल)
- सी किरण कुमार रेड्डी (कांग्रेस, आंध्र प्रदेश)
- प्रशांत यादवराव पाडोले (एनसीपी, महाराष्ट्र)
- एस वेंकटेश (वाईएसआरसीपी, आंध्र प्रदेश)
- डीन कुरियाकोस (कांग्रेस, केरल)
क्या हुआ सदन में?
सुबह से ही विपक्षी सांसद लद्दाख गतिरोध और भारत-चीन सीमा विवाद पर केंद्र सरकार पर हमलावर थे। राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष) ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब में छपी एक मैगजीन रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने कहा:
“मुझे बोलने से क्यों रोका जा रहा है? नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मुझे किसी से ‘इजाजत’ नहीं लेनी पड़ती। चीन-अमेरिका टकराव और लद्दाख में जो हुआ, उस पर सदन को पूरा सच जानने का हक है।”
विपक्षी बेंचों से लगातार नारेबाजी और कागज उछालने की घटना के बाद स्पीकर ने चेतावनी दी। लेकिन जब हंगामा नहीं रुका तो 8 सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव रखा गया, जो वॉयस वोट से पास हो गया। इसके बाद सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।

सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं
- संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा:
“संसद में विरोध का पूरा हक है, लेकिन सदन को पूरी तरह ठप करना और चेयर की अवमानना करना अस्वीकार्य है। यह संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।” - कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने X पर पोस्ट किया:
“लोकतंत्र में बोलने का हक छीना जा रहा है। सरकार लद्दाख मुद्दे पर जवाब नहीं देना चाहती, इसलिए विपक्ष को सजा दे रही है।” - स्पीकर ओम बिरला (बयान):
“संसद सभी दलों की है। चर्चा होनी चाहिए, लेकिन बाधा डालना और अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
- यह हंगामा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान शुरू हुआ।
- टीडीपी सांसद जीएम हरीश बालायोगी बोलने खड़े हुए थे, लेकिन नारेबाजी के कारण सदन दोपहर 3 बजे तक स्थगित रहा।
- दोबारा शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा, जिसके बाद निलंबन का प्रस्ताव पास हुआ।

अब आगे क्या?
- निलंबित सांसदों को बजट सत्र (फरवरी-मार्च 2026) के बाकी दिनों तक सदन में प्रवेश नहीं मिलेगा।
- विपक्ष ने फैसले के खिलाफ प्रोटेस्ट और वॉकआउट की तैयारी की है।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि बजट चर्चा बिना किसी बाधा के चलेगी।
यह घटना संसद में बढ़ते हंगामे और राजनीतिक तनाव को एक बार फिर उजागर करती है। लद्दाख मुद्दा अब संसद के बाहर भी गरमाया हुआ है।
संसद में लोकतंत्र या हंगामा?
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