सहारनपुर से बड़ी खबर
सहारनपुर से बड़ी खबर—बसपा के पूर्व एमएलसी और यूपी के टॉप-10 माफियाओं में शुमार हाजी इकबाल के चारों बेटों को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सोमवार देर रात जिला कारागार से जावेद, वाजिद, अफजाल और अलीशान की रिहाई हुई। करीब साढ़े तीन साल बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का परवाना सोमवार शाम जेल प्रशासन को मिला। इसके बाद देर रात चारों बेटों की रिहाई की गई। जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ रही, लेकिन चारों बेटे हरियाणा नंबर की एक कार में चुपचाप रवाना हो गए। बाहर करीब दर्जनों गाड़ियां मौजूद थीं।

बता दें कि मई 2022 में अलीशान और जावेद, जून 2022 में अफजाल और अक्टूबर 2022 में वाजिद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से चारों जेल में बंद थे। हर बार जमानत मिलने के बाद उन पर नए केस दर्ज कर फिर से गिरफ्तारी दिखा दी जाती थी।
याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि यह प्रक्रिया सिर्फ उन्हें जेल से बाहर आने से रोकने के लिए की जा रही थी। हाल ही में 13 अगस्त 2025 को थाना मिर्जापुर में एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी दिखाई गई थी।

22 अगस्त 2025 को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चारों बेटों को जमानत दे दी। साथ ही आदेश दिया कि अब किसी भी नए मुकदमे में गिरफ्तारी से पहले सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी।
पैरवी और सरकार का पक्ष:
वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने पक्ष रखा। इसके अलावा एडवोकेट संजय वर्मा और एडवोकेट अमनदीप सिंह ने भी हाजी इकबाल के बेटों की पैरवी की।

हाजी इकबाल और परिवार की स्थिति:
हाजी इकबाल का भाई महमूद अभी एक मामले में दोषसिद्धि के चलते जेल में है और उसकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। वहीं, हाजी इकबाल फिलहाल विदेश में हैं। प्रशासन ने उनके सहारनपुर और मिर्जापुर स्थित मकानों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी और घरों में मौजूद कीमती सामान भी जब्त कर लिया था।








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