शुभ दिन वाले बयान पर बवाल
देहरादून, 02 अक्टूबर 2025: उत्तराखण्ड मदरसा बोर्ड के चेयरमैन मुफ्ती शमून कासमी के लिए दो अक्टूबर का दिन मुश्किल भरा रहा। मुफ्ती कासमी ने मीडिया से बातचीत में दो अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिन बताते हुए इसे “खासा शुभ दिन” करार दिया। उनके इस बयान पर वहां मौजूद एक युवक और महिला ने कड़ा ऐतराज जताया।

आंदोलनकारियों के बलिदान को भूले कासमी
विरोध करने वालों ने मुफ्ती कासमी को कड़ी फटकार लगाते हुए याद दिलाया कि दो अक्टूबर के दिन ही रामपुर तिराहे पर उत्तराखण्ड आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने कहा कि इस दिन महिलाओं के साथ बलात्कार और बर्बरता जैसी घटनाएं हुई थीं। ऐसे में इस दिन को शुभ बताना गलत है।

वायरल हुआ फजीहत का वीडियो
युवक और महिला के गुस्से को देखकर मुफ्ती कासमी घबरा गए। उनकी फजीहत का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, जेएन न्यूज इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
मुफ्ती कासमी ने बचाई जान
गुस्साए लोगों के बीच मुफ्ती कासमी की स्थिति असहज हो गई। आलोचना और फटकार के बाद उन्होंने धीरे से वहां से खिसककर अपनी जान बचाई। मुफ्ती कासमी को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है, लेकिन इस घटना ने उनकी खासी किरकिरी कर दी।







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