भारतीय किसान यूनियन रक्षक के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में रेल मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जिसमें काकोरी कांड के शहीदों के नाम पर चलने वाली बंद ट्रेन को पुनः चलाने की पुरजोर मांग की गई है।

भारतीय किसान यूनियन रक्षक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह ऑहलान ने कहा
भारतीय किसान यूनियन रक्षक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह ऑहलान ने कहा कि 9 अगस्त 1925 की रात को भारत के वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत को गहरी चोट दी थी। लखनऊ सहारनपुर लखनऊ 54.251/54.252 ट्रेन को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह ने लूट लिया था। इस घटना का मकसद था कि इस लूट से इकट्टा होने वाले पैसों से हथियार खरीदे जाएं और भारत पर कब्जा करने वाले अंग्रेजों के खिलाफ उनका इस्तेमाल किया जाए. इस घटना को काकोरी कांड के नाम से जाना गया ब्रिटिश सरकार ने रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खा, रोशन सिंह व राजेंद्र लाडी को फांसी दे दी थी और सचिंद्र सान्याल सचिंद्र बक्शी को काला पानी की सजा और बाकी चार क्रांतिकारियों को 14 वर्ष की कैद की सजा दी थी, यह ट्रेन सहारनपुर रूडकी, मुरादाबाद लखनऊ तक पटरी पर दौड़ती थी. ये ट्रेन आज पटरी पर नही दौड़ रही हैं, लेकिन अब ये बस इस ऐतिहासिक घटना की गवाही दे रही हैं। इस ट्रेन के संचालन को कुछ समय पूर्व से बंद कर दिया गया है।

भारतीय किसान यूनियन (रक्षक) आम जनता की आवाज बन कर भारत सरकार एवं रेल मंत्री महोदय से विनम्र निवेदन करता है कि शहीदों की शहादत को भारत की जनता तक पहुंचने वाली इस ऐतिहासिक ट्रेन का संचालन शीघ्र शुरू किया जाये।

आर्थिया रगतमान्य ज्ञान के महानगर अध्यक्ष सुनील राणा ने कहा कि इसका नाम बीर शहीदों के नाम पर रखा जाये, जिससे इसमें बैठने वाले सभी देशवासियों को मीना चौड़ा हो और अपने देश के महान बलिदानी सपूतों पर गर्व कर सके। उनके नाम पर चलने वाली ट्रेन वीर सपूतों शहीदों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि साबित होगी।








Leave a Reply